सुल्तानपुर कोर्ट में राहुल: ‘सवाल पूछना गुनाह नहीं!’

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित MP-MLA कोर्ट में पेश हुए। मामला केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah पर की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है, जिस पर मानहानि की कार्यवाही चल रही है।

कोर्ट में राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि उनके बयान में कोई आपत्तिजनक शब्द नहीं था और इसे राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि आपराधिक केस के रूप में। उनका तर्क था लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं, अधिकार है।

क्या है पूरा मामला?

यह केस एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है। भाजपा नेता विजय मिश्र ने इसे मानहानि बताते हुए याचिका दायर की थी।

राहुल गांधी पहले भी 26 जुलाई 2024 को अदालत में पेश हो चुके थे, लेकिन बाद की कई तारीखों पर अनुपस्थित रहे। 19 जनवरी को गैरहाजिरी के बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाया और 20 फरवरी तक पेश होने का अल्टीमेटम दिया।

अब बयान दर्ज होने के बाद अगली सुनवाई 9 मार्च तय की गई है।

कोर्ट परिसर में हाई सिक्योरिटी

सुल्तानपुर कोर्ट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखा। कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

राहुल के वकीलों ने दलील दी कि यह मामला राजनीतिक आलोचना का है, जबकि सरकारी पक्ष ने कहा कि बयान के कानूनी पहलुओं पर अदालत को निर्णय करना है।

राजनीति या कानूनी प्रक्रिया?

कांग्रेस का कहना है कि यह विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है। वहीं भाजपा इसे एक सीधा कानूनी मामला बता रही है। सियासी गलियारों में सवाल घूम रहा है क्या यह ‘राजनीतिक बहस’ है या ‘कानूनी लड़ाई’?

सियासत में शब्द भी हथियार होते हैं, और अदालत में वही शब्द सबूत बन जाते हैं।

सियासी संदेश क्या?

यह मामला सिर्फ एक बयान का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श की सीमाओं का भी है। जहां विपक्ष सवाल उठाने की बात कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष कानून की कसौटी पर बयान को परखने की बात कर रहा है। अब सबकी नजरें 9 मार्च की सुनवाई पर हैं।

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